Thursday, 17 March 2016

घर आंगन की चिडि़या गौरैया को बचाना सबकी जिम्मेदारी



अदनान वेलफेयर सोसाइटी ने गौरैया बचाने का लिया संकल्प।

धानापुर-चन्दौली (उ.प्र.) कस्बा स्थित पठानटोली में अदनान वेलफेयर सोसाइटी के तत्वाधान में बुधवार को विलुप्त हो रही गौरैया को बचाने का संकल्प लिया गया। इस दौरानहमारी सहेली, हमारा घर ना छोड़ेविषयक गोष्ठिी भी आयोजित की गयी। गोष्ठि में विलुप्त हो रही गौरैया के प्रति चिंता व्यक्त की गयी और पूरे मन से गौरैया को बचाने का दृढ़ संकल्प लिया गया। उपस्थित लोगों ने गौरैया को बचाने के लिए शपथ लिया।
गोष्ठी में विचार व्यक्त करते हुए समाजसेवी रमानगीना यादव कहा कि गौरैया आज संकटग्रस्त पक्षि की श्रेणी में गयी है, जो कि पूरे विश्व में तेजी से दुर्लभ होती जा रही है। चन्द साल पहले तक गौरेया के झुंड को आसानी से घरों, गांव, खेत-खलिहान सहित सार्वजनिक स्थलों पर देखे जा सकते थे। लेकिन खुद को परिस्थितियों में ढ़ाल लेने वाली यह चिडि़या अब भारत ही नहीं बल्कि यूरोप के कई बड़े हिस्सों में भी काफी कम रह गयी है।
सोसाइटी के प्रबंधक एम अफसर खां सागर ने कहा कि शहरीकरण ने गावों की दहलीज को अपने गिरफ्त में ले लिया है जिस वजह से दिन दिन गांवों की हरियाली और खुली फिजां संकुचित होती जा रही है, यही वजह है कि गौरैया के प्राकृतिक निवास और भोजन के श्रोत भी खत्म होते जा रहे हैं। जिस वजह से दिन दिन गौरैया विलुप्त होती जा रही है। इनका कम होना हमारे पर्यावरण के लिए खराब संकेत है। गौरैया हमारे आंगन की पक्षी है, हमारी सभ्यता की निशानी है। इनको बचाने के लिए घरों में नेस्ट बाक्स लगायें। गर्मी के दिनों में घरों, आफिस और सर्वाजनिक स्थलों पर बर्तन में पानी दाना रखने का प्रबंध करें।
इसरारूल हक ने कहा कि गौरैया सिर्फ एक चिडि़या नही बल्कि हमारी मानव सभ्यता का एक अंग है और हमारे गाँव शहरों में स्वस्थ वातावरण की सूचक भी है। गौरैया किसानों के लिए काफी मदद्गार मानी जाती है, ये अपने बच्चों को जो अल्फा एवं कटवर्म खिलाती हैं, वो फसलों को बहुत नुक्सान पहुंचाते हैं। आवश्यकता है कि हम इस नन्ही चिडि़या को घर बनाने के लिए थोड़ी सी जगह दे और इन्हें माकूल सुरक्षा दें तथा यह अपने बच्चों को आसानी से पाल सके इसलिए विषहीन हरियाली उपलब्ध कराने का प्रयास करें।
इस दौरान प्रमुख रूप से इम्तियाज अहमद, डा0 अरविन्द मिश्र, हाशिम खां, आकिफ जावेद, शादाब खां, राधेश्याम यादव, आमिर, राजा तनवीर, जीशान अहमद, साहिल, मु0 आरिफ, एहतेशाम खां शेरू, नुमान अहमद, शहजाद अली, प्रभाकर सिंह सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

संगोष्ठि को सम्बोधित करते हुए सोसाइटी प्रबंधक अफसर खां सागर   
 
हिन्दुस्तान, चन्दौली
17 मार्च 2016

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